एबीएस कंपनी को ग्राम पंचायत के साथ करारनामा करना होगा ग्रामसभा में ठराव पारित,कंपनी को भेजा गया पत्र

प्रतिनिधी गुलशन बनोठे सालेकसा
सालेकसा-मध्यप्रदेश तथा छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा से सटे पिपरिया ग्राम पंचायत तहत छत्तीसगढ़ राज्य से एबीएस एक्सपोर्ट इंडिया लिमिटेड कंपनी की शाखा का कार्य लगभग 50 एकड़ जमीन पर जोरो से प्रगति पर है जिसमें पोल्ट्री का उत्पादन किया जाएगा। सर्वविदित हो कि उक्त कंपनी को तत्कालीन सरपंच द्वारा जनता को विश्वास में न लेते हुए आपसी साठगांठ कर अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) दिया गया और इसी को आधार लेकर सारी कार्यवाही पूर्ण की गई परंतु दिनांक 26 जनवरी 2025 को प्रभारी सरपंच गुणाराम मेहर की अध्यक्षता में आयोजित ग्रामसभा में जनता की ओर से शिकायत आयी कि उस समय दिया गया अनापत्ति प्रमाण पत्र ग्रामसभा में लेकर रद्द किया जाए। परंतु सभा में उक्त विषय को लेकर विचार विमर्श कर निर्णय लिया गया कि पहले कंपनी को ग्राम पंचायत के अलावा और किस-किस विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त है। तत्संबंध का पत्र कंपनी को दिया गया और पत्र का जवाब भी कंपनी की ओर से प्राप्त हुआ। जिसमें प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड,गोंदिया पाठबंधारे विभाग तथा तहसीलदार सालेकसा की ओर से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) कंपनी को प्राप्त है। उक्त सभी अनापत्ति प्रमाण पत्र को दिनांक 20 मार्च को आयोजित ग्रामसभा के विषय सूची में ग्राम सभा के समक्ष रखा गया। यह सभा भी प्रभारी सरपंच गुणाराम मेहर की ही अध्यक्षता में ली गई।ग्रामसभा में फिर शिकायत आयी कि कंपनी की ओर से स्थानिक मजदूरों को महत्व नहीं दिया जा रहा है साथही श्रम कानून का उल्लंघन करके मजदूरों से 10 घंटे काम करवाया जा रहा है और अपने अधिकार के लिए किसी ने आवाज उठाई तो उसे काम से बंद कर दिया जाता है। ऐसी स्थिति में पुन: र्निर्णय लिया गया की कंपनी को ग्रामपंचायत के साथ कारनामा (अनुबंध) किया जाए की कंपनी में शतप्रतिशत मजदूर तथा कर्मचारी पिपरिया ग्राम पंचायत के ही होंगे। अगर मजदूर प्रशिक्षित नहीं है तो कंपनी की ओर से उन्हें प्रशिक्षण दिया जाए। कंपनी से कोई दुष्परिणाम जनता पर हो या पक्षियों से संबंधित बर्ड फ्लू जैसी महामारी क्षेत्र में फैलती है तो इसकी जवाबदारी कंपनी की होगी,पिपरिया जलाशय पर कोई दुष्परिणाम आता है तो जवाबदार कंपनी होगी। साथ ही कार्यरत सभी मजदूर तथा कर्मचारियों को श्रम कानून के तहत सभी भत्ते,बोनस और काम का समय लागू किया जाए। तत्संबंध का ग्राम पंचायत में ठराव मंजूर कर पत्र कंपनी व्यवस्थापक को भेज दिया गया।यदि इस पर आगामी 1 महीने के भीतर कोई जवाब नहीं आता तो आगामी मई 2025 में ली जाने वाली ग्राम सभा में इस विषय को पुनः चर्चा में लेकर ग्राम सभा के सहमति से आगे की कार्यवाही की जाएगी।अब निर्णय ग्राम सभा के हाथों आ गया है और देखना यह है कि इस निर्णय पर कंपनी कौन से एक्शन मोड पर आती है। फिलहाल इस ग्रामसभा तथा कंपनी के कार्यों को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है और लोगों द्वारा विभिन्न प्रकार के कयास लगाए जा रहे हैं।